लिंग व त्याचे प्रकार मराठी व्याकरण Marathi Grammar

लिंग व त्याचे प्रकार

लिंग विचार

नामाच्या रूपावरुन एखादी वस्तु वास्तविक अगर काल्पनिक पुरुषजातीची आहे की, स्त्रीजातीची आहे की, दोन्हीपैकी कोणत्याच जातीची नाही असे ज्यावरून कळते त्याला त्याचे लिंग असे म्हणतात.

मराठी भाषेत लिंगाचे तीन प्रकार पडतात.

1. पुल्लिंगी      2. स्त्रीलिंगी       3. नपुसकलिंगी

  1.  पुल्लिंगी : मुलगा, शिक्षक, घोडा, चिमणा, सूर्य, चंद्र, सागर, दगड, कागद, पंखा इ.
  2.  स्त्रीलिंगी : मुलगी, शिक्षिका, घोडी, चिमणी, खुर्ची, शाळा, नदी, वही, खिडकी, इमारत, पाटी इ.
  3.  नपुंसकलिंगी : पुस्तक, घर, वासरू, पाखरू, लेकरू, झाड, शहर, घड्याळ, वाहन इ.

लिंग भेदामुळे नामांच्या रूपात होणारे बदल

नियम : 1

‘अ’ कारान्त पुल्लिंगी प्राणीवाचक नामांचे स्त्रीलिंगी रूप ‘ई’ कारान्त होते व त्याचे नपुसकलिंगी ‘ए’ कारान्त होते.

    उदा :  1. मुलगा – मुलगी – मूलगे

            2. पोरगा – पोरगी – पोरगे

            3. कुत्रा – कुत्री – कुत्रे

नियम : 2

काही प्राणीवाचक पुल्लिंग नामांना ईन प्रत्यय लागून त्यांचे स्त्रीलिंगी रूप होतात.

      उदा : 1. सुतार – सुतरीन      2. माळी – माळीन

             3. तेली – तेलीन          4. वाघ – वाघीन

नियम : 3

काही प्राणीवाचक ‘अ’ कारान्त, पुल्लिंगी नामांची स्त्रीलिंगी रुपे ‘ई’ कारान्त होतात.

        उदा : 1. हंस – हंसी        2. वानर – वानरी

              3. बेडूक – बेडकी      4. तरुण – तरुणी

नियम : 4

काही आ कारान्त पुल्लिंगी पदार्थ वाचक नामांना ई प्रत्यय लावून त्यांची स्त्रीलिंगी रूप बनतात.

      उदा : 1. लोटा – लोटी         2. खडा – खाडी

             3. दांडा – दांडी          4. आरसा – आरशी

             5. भाकरा – भाकरी

नियम : 5

संस्कृतातून मराठी आलेल्या नामांची स्त्रीलिंगी रूप ई प्रत्यय लागून होतात.

         उदा : 1. युवा – युवती          2. श्रीमान – श्रीमती

                3. ग्रंथकर्ता – ग्रंथकर्ती

नियम : 6

काही नामांची स्त्रीलिंगी रुपे स्वतंत्ररीतीने होतात.

      उदा : 1. वर – वधू        2. पिता – माता

             3. राजा – रानी      4. पाती – पत्नी

             5. दीर – जाऊ        6. सासरा – सासू

             7. बोकड – शेळी      8. मोर – लांडोर

नियम : 7

मराठीतील काही शब्द निरनिराळ्या लिंगात आढळतात.

       उदा : 1. वेळ – वेळ         2. बाग – बाग

              3. वीणा – वीणा      4. मजा – मजा

              5. टेकर – टेकर       6. तंबाखू – तंबाखू

नियम : 8

परभाषेतून आलेले शब्दांचे लिंग त्याच अर्थाच्या शब्दांच्या लिंगावरून ठरवितात.

      उदा : 1. बुट(जोडा) – पुल्लिंगी            2. क्लास(वर्ग) – पुल्लिंगी

             3. पेन्सिल (लेखनी) – स्त्रीलिंगी    4. कंपनी(मंडळी) – स्त्रीलिंगी

             5. बूक(पुस्तक) – नपुसकलिंगी

नियम : 9

सामासिक शब्दांचे लिंग हे शेवटच्या लिंगाप्रमाणे असते.

    उदा : 1. साखरभात – पुल्लिंगी            2. मिठभाकरी – स्त्रीलिंगी

            3. भाजीपाला – पुल्लिंगी           4. भावूबहीन – स्त्रीलिंगी

            5. देवघर – नपुसकलिंगी

नियम : 10 

काही नामे पुल्लिंगी व स्त्रीलिंगी असूनही उल्लेख पुल्लिंगीच करतात.

     उदा .1. गरुड      2. मासा       3. सुरवड

           4. साप       5. होळ         6. उंदीर

नियम : 11

काही नामे पुल्लिंगी व स्त्रीलिंगी असूनही त्यांचा उल्लेख केवळ स्त्रीलिंगी करतात.

   उदा  1. घुस     2. पिसू      3. माशी

        4. ऊ         5. सुसर     6. खार

       7. घार        8. पाल

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प्रयोग व त्याचे प्रकार

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